– निरीक्षक न्यूज –
कोटा, 10 अक्टूबर। भारत विकास परिषद चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के कार्डियक सर्जन डॉक्टर सौरभ शर्मा हार्ट सर्जरी में निरन्तर नये कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। इस बार उन्होंने एक 23 वर्षीय युवक के हार्ट की सर्जरी के लिए मात्र डेढ़ इंच का चीरा लगाकर सवा इंच का वाल्व बदलने में सफलता हासिल की है। यह एमआईसीएस तकनीक होती है, जिसके तहत हार्ट सर्जरी में छोटा चीरा लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस ऑपरेशन की खास बात यह भी है कि मरीज ऑपरेशन के दूसरे दिन बिना किसी सहारे के खुद ही चलने भी लगा है। मरीज की छाती पर देखने से ओपन हार्ट सर्जरी के लिए लगाया गया चीरा फोड़े फुंसी के लिए लगाए गए चीरे के समान ही दिखाई दे रहा है। छोटे से चीरा लगाकर ऑपरेशन करने से मरीज की रिकवरी ग्रोथ भी काफी अच्छी है।
भारत विकास परिषद चिकित्सालय के हार्ट सर्जन डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि केशोरायपाटन बूंदी निवासी 23 वर्षीय युवक जितेन्द्र के वाल्व में तकलीफ थी, करीब तीन-चार साल से उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, एक फ्लोर भी सीढ़ी नहीं चढ़ पा रहा था जब वो यहां ओपीडी में दिखाने आया तो उसे देखने से लगा कि वो मिनिमल इन्वेसिव कार्डियक सर्जरी के लिए फिट है।
उन्होंने बताया कि छोटा चीरा लगाकर सर्जरी करने से मरीज की रिकवरी बहुत अच्छी है, मरीज करवट ले रहा है, चल फिर रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे ऑपरेशन के लिए तकनीकी गुणवत्ता का होना बेहद आवश्यक है, आसानी से ऑपरेशन करना संभव नहीं होता। इस ऑपरेशन में करीब ढाई घंटे का समय अतिरिक्त लगा।
इसलिए जटिल थी
यह सर्जरी डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि पारंपरिक
तकनीक यानी ओपन हार्ट सर्जरी में लगभग 9 इंच लंबा चीरा लगाया जाता है। वहीं सीने की हड्डी को काटकर ऑपरेशन किया है। लेकिन इस तकनीक की मदद से केवल डेढ़ इंच चीरे से सर्जरी की गई। इससे सीने की हड्डी को नहीं काटना पड़ा और मामूली चीरे से ही सर्जरी की गई। इस केस में मरीज व तीमारदार दोनों को ज्यादा देखभाल की आवश्यकता नहीं पड़ी।
एमआईसीएस तकनीक से रोगी को ये फायदा
एमआईसीएस तकनीक में छोटे से चीरे से सर्जरी की जाती है, जिससे रोगी बहुत जल्द स्वस्थ हो जाता है। यह चीरा बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता है। साथ ही पोस्ट ऑपरेटिव दर्द, रक्तस्त्राव एवं संक्रमण का खतरा भी काफी कम होता हुआ है। है। इलाज के दौरान रोगी को हॉस्पिटल में ज्यादा दिन तक भर्ती भी नहीं रहना पड़ता।
हाड़ौती के लिए गौरव की बात
भारत विकास परिषद चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के संरक्षक श्याम शर्मा ने बड़े महानगरों की तर्ज पर कोटा में हार्ट की बीमारी के निरन्तर बड़े और जटिल ऑपरेशन उच्च तकनीक एवं गुणवत्ता के साथ होना गौरव की बात है। उन्होंने भाविप के हार्ट सर्जन डॉ. सौरभ शर्मा को रोगियों के उपचार में निरन्तर नये मुकाम हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दी।
अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने बताया कि मरीज गरीब परिवार से है, जिसका ऑपरेशन सरकारी योजना में निशुल्क हुआ है।
उन्होंने बताया कि बड़े शहरों में उच्च तकनीक और अनुभव से होने वाले जटिल ऑपरेशन कोटा में भी होने से लोगों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
